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१८५७ और सोनभद्र

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                      १८५७  और सोनभद्र             मीरजापुर तथा सोनभद्र के इतिहास में झूरी सिंह व अदावत सिंह के विद्रोह के बाद शाहाबाद के स्वतंत्रता रक्षक वीर कुअर सिंह का रामगढ में आना सबसे महत्वपूर्ण घटना है। कॅुअर सिंह के रामगढ़ में आने के बाद मीरजापुर का दक्षिणांचल आज का सोनभद्र स्वतंत्रता प्राप्ति की छट - पटाहट में उछलने लगा। 24 अगस्त 1857 का दिन सोनभद्र के रामगढ़ ( बिजयगढ़ राज ) के लिए तथा पूरे सोनभद्र के लिए स्वतंत्राता प्राप्ति का एक सपना था तथा उस दिन के बाद से पूरा सोनभद्र जो पहले सुप्त पड़ा था , जाग उठा। हर तरफ स्वतंत्रता रक्षक अपने सीमित साधनों के साथ स्वतंत्रता संघर्ष के पक्ष मंे उठ खड़े हुए। सोनभद्र में कुॅअर सिंह लगातार पांच दिन तक प्रवास करते हैं तथा रावटर््सगंज , शाहगंज , घोरावल होते हुए 29 अगस्त को स्वतंत्रता संघर्ष अभियान के लिए इलाहाबाद की ओर प्रस्...